मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर को दी विकास की ऐतिहासिक सौगात
कुशीनगर से गौरी शंकर जी का रिपोर्ट
▶ ₹525 करोड़ की लागत से 464 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास
▶ लाभार्थियों को वितरित किए स्वीकृति पत्र एवं चेक, बच्चों का कराया अन्नप्राशन, 110 व 104 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान
▶ कसया-रामकोला मार्ग, कृषि विश्वविद्यालय, एयरपोर्ट व नारायणी नदी पर पुल निर्माण को बताया सरकार की प्राथमिकता
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कुशीनगर जनपद के रामकोला-हाटा विधानसभा क्षेत्र के टेकुआटार में आयोजित विशाल जनसभा में लगभग ₹525 करोड़ की लागत वाली 464 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने जनपद के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का विस्तृत उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, आवास एवं उद्योग विभाग के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं चेक वितरित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 110 वर्ष एवं 104 वर्ष आयु के दो वरिष्ठ नागरिकों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास की नई कार्यसंस्कृति स्थापित की है। आज उत्तर प्रदेश निवेश, औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है तथा सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार बिना किसी भेदभाव के किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था में सुधार का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध और माफिया के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई से प्रदेश में सुरक्षित एवं निवेश-अनुकूल वातावरण बना है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया और कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, व्यापक टीकाकरण तथा स्वच्छता अभियानों के कारण इस बीमारी से होने वाली मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को निःशुल्क राशन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास, उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से उपचार तथा विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कसया-रामकोला मार्ग के शीघ्र निर्माण का आश्वासन देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की आवागमन व्यवस्था और अधिक सुगम होगी।
कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के कारण नियमित उड़ानों के संचालन में विलंब हुआ है, लेकिन जल्द ही नियमित विमान सेवाएं प्रारंभ होंगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में कुशीनगर को गया और जेवर एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा, जिससे बौद्ध पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि कुशीनगर में स्थापित कृषि विश्वविद्यालय का शीघ्र शुभारंभ होगा। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय आधुनिक कृषि अनुसंधान, उन्नत शिक्षा और किसानों के प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
नारायणी नदी के दियारा क्षेत्र के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग ₹800 करोड़ की लागत से प्रस्तावित पुल निर्माण परियोजना की डीपीआर तैयार की जा रही है। पुल बनने से क्षेत्र के गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और आवागमन की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक गांव, किसान, युवा और जरूरतमंद तक विकास का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, सांसद विजय कुमार दुबे, सांसद रवि किशन, विधायक पी.एन. पाठक, डॉ. असीम राय, मनीष जायसवाल, विनय प्रकाश गौंड, विवेकानंद पांडेय, मोहन वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, पुलिस अधीक्षक केशव कुमार, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सहभागिता की।
