*पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंध: मोबाइल के साथ पकड़ा गया ‘मुन्ना भाई*
*मेटल डिटेक्टर बजने पर ‘चेन’ बताकर किया गुमराह, 3 दरोगा व 7 सिपाही सस्पेंड*
न्यूज सबकी पसंद गोरखपुर से ब्यूरो चीफ प्रदीप कुमार मौर्या की रिपोर्ट
गोरखपुर। पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के दौरान मीना थापा इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई, जहां एक शातिर परीक्षार्थी मोबाइल लेकर परीक्षा कक्ष तक पहुंच गया। हालांकि समय रहते उसे पकड़ लिया गया, जिससे बड़ी गड़बड़ी टल गई। मामले में लापरवाही पाए जाने पर एसएसपी ने सख्त कार्रवाई करते हुए गेट पर तैनात तीन दरोगा और सात सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, परीक्षार्थी बिहार निवासी राम प्रकाश ने मोबाइल को गुप्तांग के पास रस्सी से बांधकर अंदर ले जाने की योजना बनाई। जब वह परीक्षा केंद्र के गेट पर पहुंचा तो चेकिंग के दौरान मेटल डिटेक्टर से आवाज हुई। इस पर शातिर परीक्षार्थी ने मौजूद पुलिसकर्मियों को यह कहकर गुमराह कर दिया कि आवाज उसकी चेन (धातु) की वजह से आ रही है। पुलिसकर्मी उसके झांसे में आ गए और उसे आगे जाने दिया।
बताया जा रहा है कि यदि उस समय उसकी सख्ती से तलाशी ली जाती, यहां तक कि कपड़े उतरवाकर ठीक से जांच की जाती, तो वह गेट पर ही पकड़ लिया जाता। लेकिन लापरवाही का फायदा उठाकर वह परीक्षा कक्ष तक पहुंच गया और मोबाइल के साथ परीक्षा देने की कोशिश करने लगा।
हालांकि गनीमत रही कि कक्ष निरीक्षक की सतर्कता से उसे प्रश्नपत्र बांटे जाने से पहले ही पकड़ लिया गया। संदेह होने पर तलाशी में मोबाइल बरामद हुआ, जिसके बाद उसे तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया गया।
इस घटना के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, मेटल डिटेक्टर और चेकिंग के बावजूद इस तरह की चूक ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से गेट पर ड्यूटी कर रहे तीन उपनिरीक्षकों और सात सिपाहियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि जनपद के 44 परीक्षा केंद्रों पर पहले दिन दोनों पालियों में कुल 38,928 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, जिसमें 28,237 अभ्यर्थी ही शामिल हुए, जबकि 10,691 अनुपस्थित रहे।
अधिकारियों का कहना है कि आगे की परीक्षाओं में सुरक्षा और सख्त की जाएगी। मेटल डिटेक्टर की जांच को और प्रभावी बनाने, संदिग्धों की गहन तलाशी लेने और किसी भी बहाने को नजरअंदाज न करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परीक्षा की शुचिता पूरी तरह बरकरार रखी जा सके।
