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पत्रकार सुशील थोरात पर जानलेवा हमले से आक्रोश—हमलावरों पर मकोका की मांग।

इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन अहिल्यानगर ने पुलिस अधीक्षक से की कठोर कार्रवाई की मांग।

अहिल्यानगर (अहमदनगर), महाराष्ट्र।

अहिल्यानगर शहर में पत्रकार सुशील थोरात और उनके बेटे सार्थक थोरात पर कथित जानलेवा हमले की घटना से पत्रकार जगत में आक्रोश है। पाइपलाइन रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के सामने हुई इस घटना को लेकर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन, अहमदनगर (अहिल्यानगर) ने जिला अध्यक्ष सय्यद निसार के नेतृत्व में जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर हमलावरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा उनके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की मांग की है।
संगठन का आरोप है कि पत्रकार सुशील थोरात द्वारा कथित गैर-कानूनी गतिविधियों की रिपोर्टिंग किए जाने से कुछ लोग उनसे नाराज थे और उन पर हमला करने का अवसर तलाश रहे थे। संगठन के अनुसार, 20 अगस्त की शाम एक फोर-व्हीलर के डैश लगने लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक हो गया और पत्रकार तथा उनके बेटे पर हमला किया गया। निवेदन में आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने जान से मारने की धमकी देते हुए भय पैदा करने वाली भाषा का भी इस्तेमाल किया।
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन अहिल्यानगर के जिला अध्यक्ष सय्यद निसार ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकार समाज में हो रहे अपराध और गैर-कानूनी गतिविधियों को सामने लाने का कार्य करते हैं। यदि किसी पत्रकार को उसकी खबरों या पत्रकारिता के कारण निशाना बनाया जाता है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा, “पत्रकार पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र पत्रकारिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है। पत्रकार निर्भय होकर अपना दायित्व निभा सकें, इसके लिए सरकार और पुलिस प्रशासन को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।”
जिला उपाध्यक्ष फरहान शेख ने कहा कि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन पत्रकारों के उत्पीड़न, हमले और धमकी के मामलों में चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि पत्रकार सुशील थोरात पर हुए हमले की निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
जिला महासचिव सय्यद अन्सार ने कहा, “आज सुशील थोरात पर हमला हुआ है, कल किसी दूसरे पत्रकार को निशाना बनाया जा सकता है। इसलिए इस घटना को सामान्य मारपीट की घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच हो और यदि वे संगठित अपराध से जुड़े पाए जाते हैं तो संबंधित कठोर कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए।”
जिला मिडिया प्रभारी सूरज गवारे ने कहा कि पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में काम करने का अधिकार है। अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ खबर लिखना पत्रकार का कर्तव्य है। पत्रकारों को धमकाकर अथवा हमला कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
जिला संगठन सचिव गोरख दहिफळे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन से पत्रकार सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई, प्रभावी जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
जिला सचिव अर्शीद सय्यद ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करता रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर इस मामले को संबंधित उच्च अधिकारियों के समक्ष भी उठाया जाएगा।
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले में आरोपित लोगों के पूर्व आपराधिक मामलों की जानकारी जुटाकर उनकी विस्तृत जांच की जाए। संगठन का कहना है कि यदि आरोपियों का संबंध संगठित अपराध से पाया जाता है तो कानून में उपलब्ध कठोर प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
संगठन ने विशेष रूप से मकोका के तहत कार्रवाई की संभावना की जांच करने की मांग की है। मकोका लागू करने का अंतिम निर्णय जांच में सामने आए तथ्यों, आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और कानून में निर्धारित शर्तों के आधार पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया जाएगा।
संगठन ने कहा कि पत्रकारों पर बढ़ते हमले पत्रकारिता के लिए गंभीर खतरे का संकेत हैं। यदि पत्रकारों को अपराधियों के खिलाफ खबरें प्रकाशित करने पर निशाना बनाया जाएगा तो समाज में गलत संदेश जाएगा।
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि पत्रकार सुशील थोरात एवं उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और मामले की जांच में किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार न किया जाए।
पुलिस अधीक्षक को दिए गए ज्ञापन के दौरान इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन अहमदनगर (अहिल्यानगर) के जिला अध्यक्ष नसीर सय्यद, जिला उपाध्यक्ष फरहान शेख, जिला महासचिव अन्सार सयद, जिला सचिव अर्शीद सय्यद, जिला संगठन सचिव गोरख दहिफळे, जिला मीडिया प्रभारी सूरज गवारे, काउंसिल सदस्य जिया सय्यद, काउंसिल सदस्य किरण कांबले तथा काउंसिल सदस्य शहबाज सय्यद सहित संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
संगठन ने दोहराया कि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन हर परिस्थिति में पत्रकारों के साथ खड़ा रहेगा। संगठन ने पुलिस प्रशासन से मामले में शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई की उम्मीद जताई है।


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