*चंपत-अनिल के इस्तीफे पर फिर सस्पेंस बरकरार !!*
करीबियों का दावा “कागज दिखाइए, इस्तीफा कहां है ?”
झूठ, धोखा और साजिशों से भरे इस मामले में कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
Ayodhya…
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के कथित इस्तीफे को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा के करीबियों का दावा है कि इस्तीफे की कोई आधिकारिक प्रति अब तक सामने नहीं आई है। अति करीबियों का सवाल है कि अगर चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया है, तो किसे दिया है? इस्तीफा स्वीकार करने का अधिकार चेयरमैन या बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के पास है, लेकिन क्या किसी आधिकारिक ट्रस्टी ने सामने आकर कहा कि उन्हें इस्तीफा मिला है? क्या किसी ने वीडियो बयान जारी किया? क्या भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने, जिसकी अधिसूचना पर ट्रस्ट बना, कोई औपचारिक जानकारी दी? जवाब अभी तक नहीं।
अति करीबियों का दावा है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा पहले की तरह डटे हुए हैं और मामले के ठंडे होने का इंतजार किया जा रहा है। दावा यह भी किया जा रहा है कि इस्तीफे की खबर सिर्फ दबाव कम करने और जनाक्रोश शांत करने के लिए उड़ाई गई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है। अगर इस्तीफा हुआ है तो पत्र कहां है? किसने स्वीकार किया? ट्रस्ट की आधिकारिक बैठक में क्या फैसला हुआ? और अगर इस्तीफा नहीं हुआ, तो जनता को भ्रम में क्यों रखा गया? राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब सवाल सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि ट्रस्ट की पारदर्शिता और जवाबदेही का भी है।
