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भारत का सपना : रत्नाकर पांडे

अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे, यही मानवतावादी अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

वरिष्ठ पत्रकार गौरी शंकर जी की रिपोर्ट/ देवरिया

देवरिया क्लब में मंगलवार को आयोजित “मानवतावादी अर्थव्यवस्था” विषयक संगोष्ठी के अंतर्गत “अमृत प्रयास : विजन विकसित भारत-2047 एवं जनभागीदारी द्वारा विकास मॉडल” विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। संगोष्ठी में वक्ताओं ने विकसित भारत के निर्माण के लिए जनसहभागिता, सुशासन, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता तथा स्थानीय विकास मॉडल को अत्यंत आवश्यक बताया। कार्यक्रम में बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
👉 अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे, यही मानवतावादी अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
मुख्य वक्ता एवं गुजरात के संगठन महामंत्री रत्नाकर पांडे ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही साकार होगा। उन्होंने कहा कि मानवतावादी अर्थव्यवस्था का मूल उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने भारतीय चिंतन, एकात्म मानववाद और स्थानीय संसाधनों पर आधारित विकास मॉडल को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक संवेदनशीलता और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी समान रूप से आवश्यक है।
👉 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा भारत : शशांक मणि
सदर सांसद शशांक मणि ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में हो रहे बदलावों को विकसित भारत की मजबूत नींव बताया।
सांसद ने कहा कि “जामवंत की तरह जनता में छिपे हनुमान को जागृत करना होगा, तभी 2047 तक विकसित राष्ट्र का सपना साकार होगा।”
👉 “विकसित भारत, विकसित देवरिया” पर हुआ मंथन
इसके बाद आयोजित पैनल चर्चा में “विकसित भारत, विकसित देवरिया” विषय पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। पैनल में सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, विधायक सुरेंद्र चौरसिया, सुरेंद्र कुशवाहा, सभाकुंवर कुशवाहा, दुर्गेश राय, भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद तथा अंतर्यामी सिंह ने अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, पर्यटन, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित कर देवरिया को विकास का आदर्श मॉडल बनाया जा सकता है। साथ ही युवाओं, महिलाओं, तकनीकी नवाचार, स्थानीय उद्यमिता और सामाजिक संगठनों की भूमिका को भी विकास का प्रमुख आधार बताया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. हेमंत मिश्रा ने किया। अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद ने की। उन्होंने कहा कि ऐसे वैचारिक संवाद समाज को नई दिशा देने के साथ-साथ विकास की योजनाओं को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हैं।
संगोष्ठी के अंत में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने का सामूहिक संकल्प दोहराया गया। उपस्थित बुद्धिजीवियों एवं प्रतिभागियों ने देवरिया के समग्र विकास के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।
इस अवसर पर तमकुहीराज विधायक असीम राय, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय कुमार दुबे, मारकंडे शाही, विशंभर मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह, जिला उपाध्यक्ष राजेश कुमार मिश्रा, संजय सिंह एडवोकेट, नरेंद्र मिश्रा ‘पप्पू’, हरेंद्र जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सैकड़ों नागरिक उपस्थित रहे।


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