*आकाशीय बिजली गिरने से गोरक्ष घाट का एक गुंबद भरभराकर गिरा, एक अधिवक्ता की मौत , एक घायल*
*हादसे में दो अधिवक्ता घायल, एक को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया; प्रशासन ने तत्काल संभाली स्थिति, एंबुलेंस रिस्पॉन्स टाइम की जांच के निर्देश*
ब्यूरो चीफ प्रदीप कुमार की रिपोर्ट
गोरखपुर। राप्ती नदी के किनारे स्थित गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार को मौसम में अचानक आए बदलाव के बीच आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। आकाशीय बिजली की तेज चपेट के बाद घाट परिसर में अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों के बैठने के लिए बनाए गए गुंबदनुमा चबूतरे का स्लैब भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय वहां बैठे दो अधिवक्ता मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए मलबा हटाकर दोनों घायलों को बाहर निकाला और उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। हादसे में गंभीर रूप से घायल अधिवक्ता आलोक अस्थाना की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि अधिवक्ता संजय सिंह को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य में सहयोग किया और स्थिति को नियंत्रित किया। जिला अस्पताल में भी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की परिस्थितियों की जानकारी ली और संबंधित विभागों से आवश्यक जानकारी जुटाई।
*अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे दोनों अधिवक्ता*
जानकारी के अनुसार, शक्ति नगर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता संजय सिंह और राप्ती नगर निवासी अधिवक्ता आलोक अस्थाना, अपने साथी अधिवक्ता विनोद तिवारी की माता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गुरु गोरक्षनाथ घाट पहुंचे थे। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान दोनों अधिवक्ता घाट परिसर में बने चबूतरे पर बैठ गए।
इसी दौरान मौसम अचानक खराब हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आकाशीय बिजली गिरने के बाद तेज झटका लगा और गुंबदनुमा छज्जा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। छज्जे के मलबे में दोनों अधिवक्ता दब गए। हादसा होते ही घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
लोगों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाने का काम शुरू किया और दोनों घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों का उपचार शुरू किया।
गंभीर हालत में आलोक को किया गया रेफर
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने अधिवक्ता आलोक अस्थाना की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें उच्चस्तरीय उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया। परिजनों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरे घायल अधिवक्ता संजय सिंह का भी चिकित्सकों ने परीक्षण किया और उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
आलोक अस्थाना की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंच गए। घटना को लेकर अधिवक्ताओं में स्वाभाविक रूप से आक्रोश दिखाई दिया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए लोगों को शांत कराया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
*डीएम ने संवेदनशीलता के साथ लिया संज्ञान*
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आकाशीय बिजली गिरने से गुंबदनुमा बैठने वाले स्थान का स्लैब गिरा, जिसकी चपेट में आने से दोनों अधिवक्ता घायल हुए। उन्होंने बताया कि हादसे में आलोक अस्थाना की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि संजय सिंह का उपचार जारी है और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
डीएम ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को तत्काल बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और घटना के कारणों की पूरी जांच करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने तथा संरचना की तकनीकी स्थिति की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
*एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम की भी होगी जांच*
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की ओर से एंबुलेंस के पहुंचने में कथित देरी की शिकायत की गई थी। प्रशासन ने इस शिकायत को भी गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी ने एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से घटना की सूचना मिलने, एंबुलेंस के रवाना होने और मौके पर पहुंचने तक के पूरे समय का विवरण जुटाया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह प्रशासन ने हादसे के साथ-साथ एंबुलेंस सेवा से जुड़ी शिकायत को भी जांच के दायरे में लिया है।
पुलिस-प्रशासन ने संभाली स्थिति, अस्पताल में बढ़ाई गई सुरक्षा
अधिवक्ता की मौत की सूचना के बाद जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में अधिवक्ता और परिजन पहुंच गए थे। स्थिति को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और स्थिति को शांत कराया। कई थानों की पुलिस फोर्स को भी मौके पर लगाया गया।
प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि घायलों और मृतक के परिजनों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए तथा अस्पताल में उपचार और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
*27.85 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था घाट का सुंदरीकरण*
गुरु गोरक्षनाथ घाट के सुंदरीकरण का प्रस्ताव वर्ष 2019 में तैयार किया गया था। करीब 27 करोड़ 85 लाख 71 हजार रुपये की लागत से घाट का सुंदरीकरण कराया गया था। घाट परिसर में अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए जगह-जगह चबूतरे और उनके ऊपर गुंबदनुमा छत का निर्माण कराया गया था। रविवार को इन्हीं में से एक गुंबदनुमा संरचना हादसे की चपेट में आ गई।
गुरु गोरक्षनाथ घाट का लोकार्पण 16 फरवरी 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। हादसे के बाद अब प्रशासन की ओर से पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि संरचना किस स्थिति में थी और आकाशीय बिजली गिरने के बाद उसके गिरने की वास्तविक परिस्थितियां क्या रहीं।
*अन्य संरचनाओं की भी जांच की जाएगी*
हादसे के बाद प्रशासन की ओर से घाट परिसर में बनी अन्य गुंबदनुमा संरचनाओं की सुरक्षा और मजबूती की जांच कराने की तैयारी है। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घाट पर आने वाले लोगों की सुरक्षा में किसी प्रकार का खतरा न रहे। तकनीकी जांच के बाद यदि किसी संरचना में कमी मिलती है तो उसके संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि मौसम खराब होने और आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले स्थानों तथा असुरक्षित संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचें। फिलहाल हादसे की वजह, संरचना की स्थिति और एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
