*रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर नौ-नौ लाख रुपये की ठगी, आरोपी गिरफ्तार*
*फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर दिल्ली ले गया, मेडिकल और तीन माह की ट्रेनिंग भी कराई; पैसा मांगने पर दी धमकी*
ब्यूरो चीफ प्रदीप कुमार की रिपोर्ट
गोरखपुर। रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में पीपीगंज पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ने वादी मुकदमा और उसके साथियों से रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर नौ-नौ लाख रुपये लिए। इसके बाद उन्हें रेलवे विभाग के नाम से अवैध और कूटरचित ज्वाइनिंग लेटर उपलब्ध कराए गए। आरोपी उन्हें दिल्ली ले गया, जहां उनका मेडिकल कराया गया और करीब तीन महीने तक ट्रेनिंग भी कराई गई। इस पूरी प्रक्रिया के चलते पीड़ितों को काफी समय तक नौकरी लगने का भरोसा बना रहा।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकुर मिश्रा पुत्र हरदेव मिश्रा, निवासी नथमलपुर, निकट सेंट जोसेफ स्कूल, विनायकपुरम, थाना गोरखनाथ, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना पीपीगंज में मुकदमा दर्ज था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मामले के अनुसार आरोपी ने वादी मुकदमा और उसके साथियों को रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। नौकरी के नाम पर प्रत्येक से करीब नौ लाख रुपये लिए गए। रकम लेने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर रेलवे के नाम से कूटरचित ज्वाइनिंग लेटर दिए और उन्हें दिल्ली ले जाकर मेडिकल प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद करीब तीन महीने तक ट्रेनिंग भी कराई गई।
कुछ समय बाद पीड़ितों को जब पूरे मामले में धोखाधड़ी होने की जानकारी हुई तो उन्होंने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने थाना पीपीगंज में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के आधार पर थाना पीपीगंज पुलिस ने मु0अ0सं0 346/2025 के तहत धारा 419, 420, 467, 468, 471, 504 और 506 भादवि में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना के दौरान उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी अंकुर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में की गई इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है। पुलिस द्वारा प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों, कूटरचित दस्तावेजों तथा धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए माध्यमों की भी जांच की जा रही है। नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई से ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों में हड़कंप की स्थिति है।
